विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक
मेरठ। जनपद में विकास कार्यों एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा जनपद की रैंकिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की और निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा कार्यदायी संस्थाएं नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन परियोजनाओं की प्रगति बजट की कमी अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से प्रभावित हो रही है, उनके संबंध में तत्काल शासन स्तर पर पत्राचार किया जाए ताकि आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनकी सूची तैयार कर संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से हस्तांतरित किया जाए।
उन्होंने पूर्व में गठित जांच समिति द्वारा निर्माण कार्यों में इंगित की गई कमियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए। साथ ही समिति को पुनः स्थलीय निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन के बाद विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी एवं पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक (जीएम डीआईसी) को निर्देश दिए कि बैंकर्स के साथ प्रतिदिन बैठक कर लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार एवं ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुंचना चाहिए।
फैमिली आईडी एवं फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में फैमिली आईडी और फार्मर रजिस्ट्री की अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये दोनों योजनाएं शासन की प्राथमिकता में शामिल हैं और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही जनपद की रैंकिंग को प्रभावित कर रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, उनके अग्रिम आदेशों तक वेतन आहरण पर रोक लगाई जाए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल को दोनों योजनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सड़कों की मरम्मत और पेंचवर्क कार्यों को प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी सड़कों की मरम्मत एवं पेंचवर्क का कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी मार्ग सुरक्षित, सुगम और आवागमन योग्य बने रहें, यह सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और रैंकिंग की समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम कुसुम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, जल जीवन मिशन, हर घर जल योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2, ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण परीक्षा आकलन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना सहित कई अन्य योजनाएं शामिल रहीं।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जनपद की रैंकिंग में सुधार लाया जाए तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।
अधिकारी एवं विभागीय प्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुनील कुमार सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मोहम्मद परवेज, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेन्द्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सतेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करे।