स्व फूलन देवी
मेरठ। समाजवादी पार्टी की ओर से पूर्व सांसद एवं वीरांगना फूलन देवी की 63वीं जयंती के अवसर पर सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने फूलन देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक एवं वंचित वर्गों के अधिकारों और विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा तथा न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि फूलन देवी को पिछड़े, दलित, वंचित एवं महिलाओं के अधिकारों की आवाज के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और पीड़ित वर्गों को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्षरत है।
सपा नेताओं ने कहा कि अत्याचार, उत्पीड़न और सामाजिक भेदभाव का सामना कर रहे लोगों को न्याय दिलाना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठाती रही है। वक्ताओं ने कहा कि आधी आबादी को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की राजनीतिक रणनीति और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा की गई। सपा नेताओं ने कश्यप, कहार, महार, बिंद, मछुआरा, तुरैहा और निषाद समाज सहित विभिन्न पिछड़े एवं वंचित वर्गों से समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ने की अपील की।
वक्ताओं ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार बनने पर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ-साथ महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सपा नेताओं ने कहा कि महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना ही फूलन देवी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में मेरठ दक्षिण विधानसभा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष चौधरी आस मोहम्मद, समाजवादी पार्टी के पूर्व पार्षद एवं नेता अफजाल सैफी, नन्हे खान, फिरोज मलिक, अमित कुमार, संजय यादव, सलमान, हाजी यूसुफ, शादाब मलिक, मोहम्मद मुस्लिम मंसूरी, समीर सैफी, फाजिल खान सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक न्याय, समानता, महिलाओं के सम्मान और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।